जिस दिन उस पीडिता लड़की का देहांत हुआ, उस दिन मेरे एक मित्र ने अजब बात कही। उन्होंने ने कहा की जिसके भाग्य में जो लिखा है वही होता है, इस लड़की के भाग्य में यही लिखा था। इतना कह कर भी वे नहीं रुके फिर उन्होंने कहा की उसने पिछले जन्म में जरुर कुछ पाप किया होगा तभी उसके साथ ऐसा हुआ।
आप कहते हैं न की ब्राह्मणवाद क्या है ? इसी को कहते है ब्राह्मणवाद , भाग्यवाद, पुनः - जन्म , जाति-पति , वर्ण व्यवस्था , ढोंग-पाखंड , कर्म-कांड को ही सम्मलित कर के ब्राह्मणवाद कहते है। इन्ही सिद्धांतो और विचारो के आधार पर स्त्री और शुद्रो के साथ हजारो सालो तक शोषण हुआ और वे चुप-चाप यही समझ कर सहते रहे कि ये उनके भाग्य में लिखा है पिछले जन्म के कर्म के अनुसार। और मै धर्मं-ग्रंथो के खिलाफ भी इसीलिए हु कि उसमे ये सब कूट-कूट के भरी है। जिन्होंने सिर्फ सुना है वो कृपया एक बार खुद से अपने इन धर्मं ग्रंथो को पढ़ ले मुझे पूरा विश्वास है अगर आप समानता और मानव आज़ादी के पक्षधर होंगे तो मुझसे जायदा खिलाफ हो जाएंगे। आप उसी स्तिथि में इसको पूजते है या तो आप इसमें लिखे बातो को नहीं जानते या आपको धर्मं से किसी भी प्रकार का लाभ पहुचता हो। कुछ लोग और भी है जो की बेचारे धर्म को सिर्फ इसलिए श्रेष्ठ शाबित करने में लगे हुए है क्योकि उन्होंने इसे बिना विचार किये पहले ही अपना लिया है और सही मान लिया है। मै ये नहीं कहता की भगवान् नहीं मै ये कह रहा हु की भगवान् इतना क्रूर और पागल नहीं हो सकता की पिछले जन्म की सजा देगा और उस गलती की जिस गलती का हमें पता ही नहीं।
-राहुल
आप कहते हैं न की ब्राह्मणवाद क्या है ? इसी को कहते है ब्राह्मणवाद , भाग्यवाद, पुनः - जन्म , जाति-पति , वर्ण व्यवस्था , ढोंग-पाखंड , कर्म-कांड को ही सम्मलित कर के ब्राह्मणवाद कहते है। इन्ही सिद्धांतो और विचारो के आधार पर स्त्री और शुद्रो के साथ हजारो सालो तक शोषण हुआ और वे चुप-चाप यही समझ कर सहते रहे कि ये उनके भाग्य में लिखा है पिछले जन्म के कर्म के अनुसार। और मै धर्मं-ग्रंथो के खिलाफ भी इसीलिए हु कि उसमे ये सब कूट-कूट के भरी है। जिन्होंने सिर्फ सुना है वो कृपया एक बार खुद से अपने इन धर्मं ग्रंथो को पढ़ ले मुझे पूरा विश्वास है अगर आप समानता और मानव आज़ादी के पक्षधर होंगे तो मुझसे जायदा खिलाफ हो जाएंगे। आप उसी स्तिथि में इसको पूजते है या तो आप इसमें लिखे बातो को नहीं जानते या आपको धर्मं से किसी भी प्रकार का लाभ पहुचता हो। कुछ लोग और भी है जो की बेचारे धर्म को सिर्फ इसलिए श्रेष्ठ शाबित करने में लगे हुए है क्योकि उन्होंने इसे बिना विचार किये पहले ही अपना लिया है और सही मान लिया है। मै ये नहीं कहता की भगवान् नहीं मै ये कह रहा हु की भगवान् इतना क्रूर और पागल नहीं हो सकता की पिछले जन्म की सजा देगा और उस गलती की जिस गलती का हमें पता ही नहीं।
-राहुल
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